Saturday, 8 April 2017

क्युनेट की स्कीम पोंझी स्कीम नहीं है: सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने डायरेक्ट सेलिंग कंपनी क्युनेट तथा उस की फ्रेंचाइजी विहान डायरेक्ट सेलिंग प्रा. लि. (विहान) के खिलाफ हो रही सभी कारवाई के ऊपर रोक लगाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कंपनी के भारतीय शेयरधारक मायकल फरेरा एवं माल्कम देसाई को मौलिक अधिकार के तहत जमानत पर छोड़ देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा है कि इस कंपनी की स्कीम पोंझी स्कीम नहीं है।


साल 2013 से क्युनेट कंपनी के विरुद्ध मामला चल रहा था, जिससे कंपनी को राहत मिली है। इस के अलावा उपभोक्ता संबंधी मामले के मंत्रालय ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों को मॉडेल डायरेक्ट सेलिंग दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिससे कंपनी को काफी राहत मिली है। भारत में कार्यरत क्युनेट के बिजनेस के खिलाफ दर्ज सभी 19 एफआईआर पर न्यायमूर्ति पिनाकीचंद्र घोष एवं न्यायमूर्ति रोहिन्टन फली नरिमन की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश के द्वारा रोक लगा दी है। न्यायालय ने बताया है कि रिट याचिका में की गई बहस के आधार पर स्टे दिया गया है।

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