जीएसटी से जुड़े चार विधेयक राज्यसभा में पारित

राज्यसभा में गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित चार विधेयकों को पारित कर दिया गया। इसके साथ ही देश में एक जुलाई से एकीकृत कर प्रणाली लागू करने का रास्ता खुल गया। जीएसटी से संबंधित चारों विधेयकों - केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, समेकित वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) विधेयक और केंद्र प्रशासित वस्तु एवं सेवा कर विधेयक - पर राज्यसभा में दो दिन नौ घंटे तक बहस चली, जिसके बाद इसे पारित कर लोकसभा को लौटा दिया गया।

विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि करों से छूट प्राप्त वस्तुएं जीएसटी लागू होने तक कर प्रणाली से बाहर ही रहेंगी। जेटली ने कहा, "मौजूदा समय में जिन वस्तुओं पर कर नहीं लगता, उन्हें आगे भी कर से छूट प्राप्त होगा। मौजूदा स्थिति आगे भी बहाल रहेगी।" जेटली ने कहा कि जीएसटी के तहत टैक्स फाइल करना आसान होगा और नए अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में तिमाही आधार पर टैक्स रिटर्न फाइल करने का प्रावधान रखा गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस नई कर प्रणाली में केंद्र और राज्यों की संप्रभुता को एकीकृत किया गया है और इससे पहले एक राजनीतिक इकाई होने के बावजूद देश अलग-अलग राज्यों द्वारा अलग-अलग कर लगाने के कारण भिन्न-भिन्न अर्थव्यवस्थाओं वाला था।

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Riyanshi

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