नोटबंदी से जीडीपी की रफ्तार को लगा झटका

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने कहा है कि साल 2017 की पहली तिमाही में भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.1 फीसदी रही, जोकि साल 2014 की चौथी तिमाही के बाद से सबसे धीमी रफ्तार है। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि वैश्विक वृद्धि दर में सुधार हो रहा है। सोमवार को जारी ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक में फिच ने कहा, "जीडीपी की वृद्धि दर साल दर साल आधार पर साल 2017 की पहली तिमाही में 6.1 फीसदी रही, जो साल 2016 की चौथी तिमाही में 7.0 फीसदी थी। यह साल 2014 के चौथी तिमाही के बाद से सबसे धीमी वृद्धि दर है।" फिच ने कहा कि घरेलू मांग में कमी के कारण वृद्धि दर में गिरावट हुई है। इसमें कहा गया, "ऐसा प्रतीत होता है कि साल 2016 के नवंबर में की गई नोटबंदी के कारण सरकार ने अर्थव्यवस्था में से 86 फीसदी नकदी लगभग रातोंरात निकाल ली थी, जिसका असर लोगों द्वारा किए जाने वाले खर्च पर पड़ा और मांग में गिरावट आई।"

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Riyanshi

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